Thursday, May 26, 2016

KUNAL THAKUR: IMPORTANT MAITHIL IN BOLYWOOD


कोनो फ़िल्मक निर्माणक पाछुमे कैकटा आदमीक सहयोग आ श्रम होयत अछि। बॉलिवुडमे छोटका या बड़का पर्दाके पाछुमे काज केनिहार एहने मैथिलमे एकटा पैघ नाम अछि कुणाल ठाकुर जेकि हिन्दी फिल्म आर टीवी जगतमे बहुत रास फ़िल्म आ सीरियलक प्रोडक्शन क’ चुकल छैथ।

मूल रुपसं मधुबनीक रहनिहार कुणाल जी सहायक प्रोडक्शन मैनेजरक रुपमे प्रसिद्ध फ़िम निर्देशक हैरी बाबेजाक संग फ़िल्म लव स्टोरी 2050, राइजिंग स्टार एन्टरटेनमेंट बैनर के अधीन बनल फ़िल्म “ अल्लाह के बन्दे”,  “ दे ताली”क समस्त ग्राउन्ड वर्क, “ऑल द बेस्ट”,आदिमे काज कएने छैथ। एहिके अतिरिक्त, कुणाल जी प्रोडक्शन नियंत्रक के रुपमे सेहो बहुत रास काज कएने छैथ जाहिमे बीग डैडी प्रोडक्शनक शो फ़िल्म “तेरे मेरे फ़ेरे”, केतन मेहता द्वारा निर्देशित “माझी द माउन्टेन मैन” , फ़िल्म “गुलमोहर” आदि शामिल अछि।


कुणाल जी फ़िल्म आ सीरियल के साथ साथ कैकटा एड फ़िल्ममे सेहो काज केने छैथ ।


मैथिली फ़िल्ममे सेहो एहन मैथिल प्रतिभाक योगदानक अपेक्षा अछि। ओना त’ कुणाल जी मुम्बईमे मिथिला-मैथिलीक संस्थासं जुड़ि काज कए रहला अछि, आशा अछि भविष्यमे मैथिल फ़िल्मक निर्माणमे कुणाल जी पदार्पण करताह आ मिथिला- मैथिलीक पताका सगरो फ़हरैता। मैथिली सिने दिससं कुणाल जीकें बहुत रास शुभकामना!

Monday, March 28, 2016

MITHILA MAKHANA BAGS NATIONAL AWARDS FOR THE BEST FILM IN MAITHILI

मिथिला महान, मिथिला मखानः मैथिली फ़िल्मकें भेटल राष्ट्रीय सम्मान


63म राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारक घोषणा होयते मातर सगरो मिथिलामे हर्ष आ उल्लासक वातावरण बनि गेल अछि। कारण मिथिलाक मैथिली-भोजपुरी भाषी मैथिल सपूत नितिन चन्द्रा द्वारा चम्पारण टाकिज बैनरक अधीन निर्देशित मैथिली फ़िल्म “मिथिला मखाना हाउस प्राइवेट लिमिटेड”कें बेस्ट फ़िल्म इन मैथिलीक राष्ट्रीय पुरस्कार देल गेल अछि। फ़िल्ममे क्रान्ति प्रकाश झा, अनुरिता झा, गोपाल पाठक, पंकज झा, रंगकर्मी प्रेमलता मिश्र प्रेम आदि सहित कैकटा कलाकार मिथिलेसं लेल गेल अछि।  फ़िल्मक शूटिंग टोरोन्टो, स्विटजरलैण्ड, नेपाल सहित मिथिलाक विभिन्न क्षेत्रमे कएल गेल छल। ई निचित रुपसं मैथिली सिने प्रेमी लेल आह्लादकारी समाद अछि जे मैथिली सिनेमाके राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा आ मान्यता भेटल। सबसं गौरवक बात ई थिक जे बिहार आर झारखंडक फ़िल्मक इतिहासमे "मिथिला मखाना" पहिल फ़ीचर फ़िल्म अछि जकराकि राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार भेटल अछि।

एहि फ़िल्म के बारेमे आह्लादित निर्देशक नितिन चन्द्र जी कहैत छैथ-

"मिथिला मखाना प्राईवेट लिमिटेड" सिर्फ एक फ़िल्म नहीं एक सोच है, जिसमें हम कुछ सवाल उठाते हैं और उसका जवाब भी देते हैं। सालों से मैथिली क्षेत्र से पलायन करते हुए युवाओं के सामने "मिथिला मखाना प्राईवेट लिमिटेड" एक सन्देश बन के आती है । 


पूर्वमे सेहो मैथिलीमे बनल किछु डॉक्युमेन्टरी फ़िल्म के राष्ट्रीय पुरस्कार भेटल अछि। कोसी समस्या पर आधारित अरविन्द सिन्हा जीक फ़िल्म दुई पाटन के बीच में” (1999) जेकि मैथिली आर हिन्दीमे बनल छल, के 47वां नेशनल अवार्ड के स्वर्णकमलसं पुरस्कृत कएल गेल छल। 53वां राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार के तहत 2005मे बनल प्रवीण कुमार द्वारा निर्देशित “नैना जोगिन’ के सेहो राष्ट्रीय पुरस्कारके रजतकमल पुरस्कार भेटल छल। एहि फ़िल्मक बेस्ट एडिटिंग के लेल स्वर्गीय विभूति नाथ झाकें बेस्ट एडिटरके एवार्ड प्रदान कएल गेल छल। विदित हो जे राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार फीचर तथा गैर फीचर फिल्म के लेल प्रदान कएल जायत अछि। मनोज श्रीपति द्वारा निर्देशित मैथिली टेलीफ़िल्म “रक्त तिलक” सेहो अनुशंसित, प्रशंसित आ पुरस्कृत अछि। - भास्कर झा, मैथिली सिनेवर्ल्ड

Thursday, November 19, 2015

Interview With Maithili Singer Satyanarayan Jha 'Suman'



दरभंगा जिलान्तर्गत जाले प्रखंडके खड़का-बसंतके रहनिहार श्री सत्यनारायण झा ‘सुमन’ (जन्म 3 मार्च, 1948) अपन जमानाक प्रसिद्ध आ लोकप्रिय मैथिली गायक छैथ। सम्प्रति, सुमन जी मुजफ़्फ़रपुर, सीतामढी, दरभंगा आ मधुबनी , चारू जिलाक सीमान पर बसल खड़का-बसंतमे अपन गायनक बले मिथिलाक एहि क्षेत्रकें मिथिला-मैथिलीक सांस्कृतिक गतिविधिसं सजग रखने छैथ। युवा कवि, कला, साहित्य, संस्कृतिप्रेमी भास्कर जीक संग भेल हुनक साक्षात्कारक किछु अंश-

गायन दिस अहांक रुझान कोना आ कहिया भेल?

गीत-संगीतमे हमर रुचि बाल्यकालहिं सं छल। दोस महीमक संग कहीं बुलैत, बैसत वा खेलैत काल निरन्तर गबैत रही। मित्र-मंडलीसं सतति प्रोत्साहन आ उत्साह्बर्धन भेटैत रहय। स्थानीय आ स्कूल स्तर पर गाबय लगलहुं। जहन हम छट्ठा वर्गमे रही त’ पहिल बेर द्वारिका नाथ हाई स्कूलमे स्वागत गान गेने रही। उत्कृष्ट प्रदर्शनके फ़लस्वरुप हमरा पुरस्कृत कएल गेल छल। हमर प्रिय गीतकार-गायक रबीन्द्र-महेन्द्र प्रेरणास्रोत छ्लैथ।


गायन क्षेत्रमे अहां ‘सुमनजी’क उपनामसं लोकप्रिय भेल छी। अहींक नाम पर खड़का बसंत केर प्रसिद्ध चौक’ सुमन चौक’ विख्यात भेल अछि। ई  उपनाम कोना भेटल ?

ई सत्य बात थिक ! हमरा लोक सत्यनारायण झा नामक अपेक्षा ‘सुमनजी’ नामे बेसी लोक चिन्हैत छैथ। ‘सुमनजी’ उपनाम जोड़बाक पाछु तत्कालीन समयमे गायक आ गीतकारक उपनाम रखबाक परिपाटीक भूमिका छल। हमरा ‘सुमन’ नाम देबयके श्रेय हमर ग्रामीण आ अभिन्न मित्र कामोद मिश्रा (कोलकाता मैथिली रंगमंच पर गुणनाथ जीक नाटक 'कनिया-पुतरा' आ 'पाथेय'मे अभिनय केने छलैथ)कें जायत छैन । गायक के रुपमे हमर लोकप्रियता बढय लागल छल। तें ओ हमरा सुझाव देलाकि अहां ‘सुमन’ उपनाम सेहो राखि लियS! आ पछाति हम ‘सुमन’ नामसं लोकप्रिय भ’ गेलहुं। एहि लोकप्रियताक प्रतिफ़ल अछि बसंत गामक ‘ सुमन चौक’।

अहांक प्रत्येक गीतमे रमन- सुमनक जिक्र रहैत अछि। गीतकार ‘रमण’सं कोना सम्पर्क बनल?

प्रारंभमे हम अपने लिखल गीत गबैत रही। मुदा लोकप्रियता बढबाक कारणे हमरा नबका नबका गीतक खगता होमय लागल। गीतकार रेवती रमण झा ‘ रमण’ एहि अप्रत्याशित कमीक पूर्ति अपन गीतमालासं क’ देलनि। रमण जी जॊगियारा के पतोर गामक निबासी छैथ। साइठक दसक, संभवत: 1965मे, हमरे ग्रामीण मखेश झाक माध्यमे हुनकासं हमरा सम्पर्क भेल छल। मखेश जी ट्रेनसं पटना अबैत रहैत। गाड़िये में हुनका रमण जीसं परिचिति भेल छल। रमणजीकें हमर नाम सुझौला कि हम उदीयमान गायक छी । किछुए दिनक बाद पटना आर्ट्स कॉलेजमे रमण जी सं हमारा भेंट भेल। ओ सहयोग करबाक आशा देलनि आ यथासंभव सहयोग दैत रहलाह। दुनू गोटे- गायक आ गीतकार- ‘रमण-सुमन’नाम्सं सुपर हीट भ’ गेलहुं।

अहां रेडियो स्टेशनक जानल पहिचानल गायक छलहुं। रेडियो स्टेशनसं जुड़बाक अपन यात्राके मादे किछु कहियौ?

गामसं प्रस्थान करबाक बाद पटना हमर कर्मस्थली बनल। ओहि ठाम अपन गीत-नादक प्रस्तुति दैत  स्थानीय आ राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम सबमे बपन सहभागिता दैत रहलहुं। वर्ष 1977मे पटना रेडियो स्टेशनसं जुडलाक बाद ओहि ठाम हम एक साल धरि गायकके रुपमे अपन सुनर प्रस्तुति दैत रहलहुं। फ़ेर, 1978में दरभंगा आकाशवाणीसं जुड़ि गेलहुं। हितैषीके रुपमे बटुक भाइसं बड्ड सहयोग भेटल। आहि तरहे हम 22 वर्ष धरि रेडियो स्टेशनमे गबैत मां मैथिलीके सेवा करैत रहलहुं। संगहि, दिल्ली, कोलकाता,जनकपुर, रायपुर आदिमे आयोजित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमे मैथिली गीतक प्रस्तुति करैत छलहुं।

अहांक कैसेट “तोहर बाजब बड्ड अनमोल” ओहि समयमे बड्ड चलल छल। एहि सुन्नर कर्यमे अहांक के के सहयोग कएने छलैथ?

 दस गोट सुन्नर आ मधुर गीतक संग्रह “तोहर बाजब बड्ड अनमोल” वर्ष 1987मे बहराएल छल। गीत बड्ड लोकप्रिय भेल रहै। कैसेट निकालबाक कार्यमे विशेष रुपे, हमर अनुज सूर्यनारायण झा (आब एहि दुनियामे नहिं रहलाह!) आ  अनेकानेक प्रेमीलोकनिक अविस्मरणीय सहयोग भेटल छल।सब गीत रमण जीके रहनि। परिचय प्रोस्ताता जयकुमार झा छ्लैथ। मुदा दुखक बात जे हम किछु कारणवश अपन अगिला कैसेट नहिं निकालि सकलहुं।

मैथिली गीत-संगीतक वर्तमान स्थिति पर किछु कहय चाहब?

मैथिली गीत-संगीतक वर्तमान स्थिति दयनीय अछि। मैथिलीक सुर-सौम्यता पर भोजपुरीकरणक रंग चढय लागल अछि। द्विअर्थी गीत, कान-फ़ाड़ू संगीत, गायकीमे अश्लील स्वरावरोह आदि मिथिलाक माधुर्यके मलीन आ म्लान करय पर लागल अछि। गाम घरमे भोजपुरी गीतक चलती भ’ गेल अछि। जाधरि मिथिला-मैथिली, आ अप्पन माटि पानिके प्रति लगाव वा गौरबक बोध नहिं होयत ताधरि ई स्थिति दिनोदिन बिगरैत रहत।

धन्यवाद!

Monday, November 2, 2015

Maithili Seriel 'Pahun' Telecasts From November 5, 2015


मिथिला समाजमे अनेकानेक कुरीति व्याप्त अछि जकरा मिथिलाक प्रगतिमे मुख्य बाधक तत्व मानल जायत अछि। दहेज प्रथा, बाल विवाह आदि कएक गोट फ़िल्म ओ सीरियलक विषय-वस्तु रहल अछि, मुदा ई पहिल बेर होयत जे कोनो सीरियलक कथा विधवा विवाह पर आधारित अछि।

जी हं! हम बात क’ रहल छी मैथिलीक सामाजिक ओ परिवारिक धारावाहिक ‘पाहुन’ केर! पद्म गुरु सिंह केर सफ़ल निर्देशनमे आ नीलम फिल्म्स केर बैनरक अन्तर्गत ‘पाहुन’ केर निर्माण कएल गेल अछि। राजीव मिश्रा आ सिद्धार्थ एहि धारावाहिकक सहायक निर्देशक, संगीत निर्देशन प्रसिद्ध गायक संगीतकार सुनील पवनक। प्रमुख कलाकार छैथ- कॄष्णा मिश्रा, शुभनारायण झा, कल्पना मिश्रा, सुधा झा, निलेश दीपक, निशा झा, कॄष्णा मिश्रा, राधाकान्त झा, संजय चौधरी, निखिल कुमार, संतोष झा सिंटू, राजीव मिश्रा अमित कुमार आदि।


‘पाहुन’ सीरियल 5 तारीख स प्रत्येक वॄहस्पति आ शुक्र दिन राति 8:30 9 बजे धरि डीडी बिहार पर प्रसारित होयत। हैप्पी वॉचिंग!

Saturday, October 31, 2015

Maithili Seriel Master Sahab Telecasts From November 2, 2015


डीडी बिहार के लेल एखन धरि मैथिलीमे पांच गोट धारावाहिक केर निर्माण भ' गेल अछि जाहिमेसं किछु केर प्रदशन होमय जा रहल अछि। एहने एकटा सीरियल अछि 'मास्टर साहब'।मास्टर साहेब' मिथिला सँ जुड़ल सभ कुप्रथा संग मिथिलाक संस्कृति पर आधारित एक हास्य धारावाहिक अछि।

धारावाहिकक निर्माता श्री दिनेश कुमार सिंह, परिकल्पना गीता सिंह, निर्देशक आ लेखक श्री अभिराज झा, कार्यकारी निर्माता मीरा, छायांकन R R प्रिंस, संगीत उदय नारायण झा, सहायक निर्देशक हृदयनाथ झा, संपादन नागेन्द्र यादव आ प्रोड्कशन सहायक चंदन झा छैथ । मुख्य भूमिकामे प्रसिद्ध गीतकार अभीराज झा, मोना राय, सुरेश आनंद , शिखा चौधरी, करण मिश्र, वीमल झा, अनूप सत्यनारायण झा, अवधेश सिंह, वंदना झा, मनोरमा मिश्र, घनश्याम झा, जितेन्द्र झा, राजेश झा, रश्मी चौधरी, रोशनी, चांदनी शर्मा, ममता गुप्ता, डॉ अभय झा, संजीव झा, अभय झा, संजय आदि छैथ।


मैथिली धारावाहिक 'मास्टर साहेब' DD Bihar चैनल पर २ नवम्बर सँ सप्ताहमे तीन दिन ( सोम मंगल आ बुद्ध ) राति 9 बजे सँ 9:30 बजे तक प्रसारित होयत ! हैप्पी वॉचिंग!

Maithili Serial : Aab Kahu Mon Kehan Karait Achhi Telecasts From November 5, 2015


दहेज प्रथा जकां कन्या भूणहत्या मैथिल समाजक लेल अभिशाप थिक। भूणहत्याक कारण समस्त देशक संग संग मिथिलामे सेहो  युवा-युवतीक अनुपातमे अप्रत्याशित कमी देखबाक भेटि रहल अछि। फ़लस्वरुप, समस्त समाजक समक्ष विषम परिस्थिति उत्पन्न भ’ गेल अछि। एहि ज्वलन्त समस्याके धेयानमे राखि एकटा मैथिली धारावाहिक केर निर्मान कएल गेल अछि जकर नाम अछि-  ''आब कहू मन केहन करैत अछि" !

वस्तुत: ''आब कहू मन केहन करैत अछि" एकटा हास्य धारावाहिक अछि जेकि हास्य-व्यंग्यक माध्यमे समाजमे युवतीक कमीके कारण अविवाहित युवाकें आ हुनक माता-पिताकें विषम परिस्थितिसं कोनाक’ लड़’ पड़ैत छनि, ताहि कटु यथार्थक मार्मिकताक संग संग हास्यप्रद प्रस्तुतीकरण कएल गेल अछि।

एहि धारावाहिक केर निर्माण निर्मल आर्ट्स क्रियेशन बैनरक अन्तर्गत कएल जा रहल अछि।धारावाहिकके निर्माता-निर्देशक राजीव खानपुरी छैथ। कथा, पटकथा व् संवाद लिखने छैथ स्वयं राजीव खानपुरी एवं पूजा कर्ण । एपिसोड निर्देशक विनोद कुमार सिंह, सहायक निर्देशन नवीन भारद्वाज, रणजीत धनकर, दीपक छैथ।  मुख्य भूमिकाक निर्वहन कएने छैथ किशोर केशव, प्रवीण झा(सिंटू), प्रकाश झा, सुधा झा, सृष्टि मिश्रा, कौशल कुमार, ज्योति झा, अनिल मिश्रा, मनोज पाण्डेय, शुभ नारायण झा, कल्पना मिश्रा, नीलेश दीपक, संतोष झा, संगीता तिवारी आदि। आन कएक गोट पात्र धारावाहिकक कथा विकास आ विस्तारक संग जुड़ैत जायत। धारावाहिकक सम्पादन केने छैथ किरण प्रियदर्शनी । शीर्षक संगीत व स्वर विकास झा देने छैथ। प्रचार प्रसारमे नवीन भरद्वाज जी जोर लगा देने छैथ।

प्रतीक्षित धारावाहिक ''आब कहू मन केहन करैत अछि" 5 नवंबरसं प्रत्र्येक बृस्पति आ शुक्र दिनकें राइत 9:30 बजे सं DD बिहार पर प्रसारित होमय जा रहल अछि।

Saturday, August 22, 2015

Parampara Thakur: A Singing Prodigy of Mithila


वर्तमान समयमे गीत-संगीतक लोकप्रियताके बढबयमे म्यूजिक रीयेलीटी शो केर पैघ भूमिका मानल जाइछ। एहि म्यूजिक शोमे एश्वर्या निगम, अमिताभ नारायण,आलोक कुमार, सीमा झा, मैथिली ठाकुर आदि राष्ट्रीय स्तर पर मैथिल प्रस्थितिकें सर्वमान्य बनयबामे सफ़ल भ’ रहलीह अछि। लिटिल चैंप आ इंडियन आइडल जूनियर फेम मैथिली ठाकुर के बाद, परम्परा ठाकुर मिथिला-मैथिली-संगीतक धवजा फ़हरा रहलीह अछि। &TV पर चलि रहल रीयलिटी शो वॉयस न्डिया केर सुमुधुर प्रतिभागी परम्परा ठाकुर मैथिलीक बहुचर्चित गीतकार रवींद्र नाथ ठाकुर (चर्चित युगल रविन्द्र-महेंद्रक रविन्द्र) जीक पौत्री छी।
मूल रुपसं मिथिलाक प्रमुख केन्द्र पुर्णिया केर धमदाहा निवासी रवीन्द्रनाथ ठाकुरक परिवारक योगदान, साहित्य, गीत , संगीतक प्रबल संरक्षक के रुपमे अतु;ल्य आ अविस्मरणीय अछि। एक दिस जतय मैथिलीक पहिल फ़िल्म ‘ममता गाबय गीत’के बन्न डिब्बासं बाहर लायल, तो दोसर दिस, सीता चालीसा के माध्यमसं समस्त मिथिलामे ठाकुर परिवारक साधल स्वर – अवनीन्द्र नाथ ठाकुर आ संगीता ठाकुरक- गुंजित भेल। स्मरणीय अछि जे ममता गाबय गीतमे सारिका ठाकुर आ वैदेही जीक सुमधुर स्वरक अमृत वर्षा भेल छल। अवनीन्द्र नाथ ठाकुर और संगीता ठाकुरक पुत्री परम्परा ठाकुर अपन परिवारक संगीत परम्पराकें आगू बढबय दिस अग्रसर भेल छथि। शास्त्रीय संगीत सअ सधल सुमधुर आवाज़ और प्रतिभाशाली गायिका परंपरा ठाकुर मात्र चारि वर्षके उम्रसं सं गाबि रहलीह अछि। 13 वर्षके आयुमे राजस्थान सरकार के लेल जिंगल गेलैथ ! सब टीवी के सीरियल "क्या हाल है जीजा जी " के लेल सेहो गेने छैथ ! 2013 में प्रसिद्ध बैंड Euphoria सअ जुरलैथ ! लेडी श्रीराम कॉलेज , दिल्लीसं पढ़ल परंपरा अनेको म्यूजिकल अवार्ड अप्पन नाम केने छैथ !


परम्परा ठाकुर भारतीय टेलिविजन & tvम्यूजिक रीयलिटी शो  द वॉयस इंडिया मे अपन गायनक परचम लहरा रहलीह अछिअपने लोकनि एहि बुच्चीके बेसी-स'-बेसी वोट ' संगीतक क्षितिजमे मिथिलाक एकगोट आओर सिताराके प्रखर होइमे सहियोग करी